समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गिरफ्तारी को चुनौती देने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन गुरुवार को अदालत ने उनकी याचिका पर सुनवाई करने के बजाय इसे इलाहाबाद हाईकोर्ट भेज दिया। अब इस मामले में 16 नवंबर को हाईकोर्ट की दो जजों वाली बेंच सुनवाई करेगी। अदालत ने यह भी कहा है कि आजम खान की ओर से मांगी गई अंतरिम राहत पर उसी दिन विचार किया जाए।
सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। अदालत ने कहा कि आजम खान को पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपनी बात रखनी चाहिए। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने दो दिनों के अंदर मामले से जुड़े कागजात हाईकोर्ट भेजने का आदेश दिया है। आजम खान को अपनी याचिका में बदलाव करने और कुछ नए कागजात देने की छूट भी दी गई है।
कपिल सिब्बल ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान आजम खान की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल पेश हुए। उन्होंने अदालत में कहा कि आजम खान को दूसरे मामलों में जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर निकलते ही ED ने गिरफ्तार कर लिया। सिब्बल ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से उठाया गया कदम बताया है।
उन्होंने यह भी कहा कि आजम खान के खिलाफ पहले से 87 मामलों में जमानत मिल चुकी है, लेकिन नई गिरफ्तारी के कारण उन्हें फिर जेल में रहना पड़ रहा है। इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि आपकी दलील में कुछ दम हो सकता है, लेकिन हम इस मामले में अभी कोई राय नहीं देना चाहते।
जेल से बाहर आते ही ED ने किया था गिरफ्तार
दरअसल, 29 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान की सजा पर रोक लगा दी थी। इसके बाद 31 अक्टूबर को आजम खान रामपुर जेल से बाहर आए। लेकिन जेल से निकलने के कुछ ही समय बाद ED ने उन्हें एक नए मामले में गिरफ्तार कर लिया।
यह मामला रामपुर में बनी मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े जौहर ट्रस्ट में पैसों के कथित गलत इस्तेमाल से जुड़ा है। ED इस मामले में पैसों के लेन-देन की जांच कर रही है। गिरफ्तारी के बाद आजम खान को गाजियाबाद की अदालत में पेश किया गया था, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अब सभी की नजरें 16 नवंबर को होने वाली हाईकोर्ट की सुनवाई पर हैं। आजम खान ने गिरफ्तारी रद्द करने के साथ जेल से बाहर आने की मांग भी की है। हाईकोर्ट इस दिन उनकी अंतरिम राहत की मांग पर भी विचार करेगा।

